किशिदा का और अधिक राजनीतिक सुधारों का संकल्प

जापान की संसद का नवीनतम साधारण सत्र समाप्त हो गया है। इस सत्र में मुख्य सत्तारूढ़ लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी यानि एलडीपी चंदा घोटाले के मुद्दे से फिर घिरी नज़र आयी।

एलडीपी के कुछ सदस्यों पर राजनीतिक चंदा रिपोर्ट में गड़बड़ी करने का आरोप है।

इस सप्ताह की शुरुआत में संसद ने राजनीतिक चंदा नियंत्रण कानून में संशोधन के लिए एक विधेयक पारित किया। नये नियमों के तहत, सांसदों को अपनी रिपोर्ट की विषय-वस्तु की पुष्टि करनी होगी। इस कदम का उद्देश्य अधिक पारदर्शिता लाना है।

प्रधानमंत्री किशिदा फ़ुमिओ ने शुक्रवार को कहा कि वे "लोकतंत्र की रक्षा" के लिए सुधारों पर काम करना जारी रखेंगे।

किशिदा ने यह भी कहा कि सरकार, नीति गतिविधि धनराशि की निगरानी के लिए एक स्वतंत्र इकाई की स्थापना करेगी।

लेकिन समय से पहले चुनाव करवाने की माँग के बीच, प्रधानमंत्री ने निचले सदन को भंग करने के बारे में टिप्पणी करने से इन्कार कर दिया।

सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी के नेता ने किशिदा की प्रतिक्रिया की आलोचना की। कॉन्स्टीट्यूशनल डेमोक्रेटिक पार्टी के अध्यक्ष इज़ुमि केन्ता ने यह भी कहा कि सरकार को चुनौती देने के लिए उन्हें अन्य विपक्षी दलों के साथ मिलकर काम करने की उम्मीद है।