उक्रेन में अनिवार्य सैन्य भर्ती कानून पर मतभेद

उक्रेन के सांसदों ने सैनिकों की कमी दूर करने के लिए एक नया अनिवार्य सैन्य भर्ती कानून पारित किया है। लेकिन एक सर्वेक्षण से पता चलता है कि केवल एक तिहाई जनता ही इस कानून का समर्थन करती है।

युद्ध की शुरुआत से ही अधिकारियों ने 18 से 60 वर्ष की आयु के पुरुषों के देश छोड़ने पर रोक लगायी हुई है। लेकिन पिछले महीने उन्होंने अनिवार्य सैन्य भर्ती से बचने वाले लोगों पर नकेल कसने के लिए नये नियम बनाये। उनके अनुसार, युद्ध के लिए योग्य आयु के पुरुषों को 16 जुलाई तक सेना के पास अपना पता और पारिवारिक जानकारी दर्ज करानी होगी।

रक्षा अधिकारियों का कहना है कि अनुमानित 40 से 50 लाख पात्र पुरुषों में से लगभग 20 लाख ने पहले ही अपना पंजीकरण पूरा कर लिया है।

एक स्वतंत्र शोधकर्ता, कीव इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ सोशियोलॉजी ने सर्वेक्षण कर लोगों से पूछा कि क्या वे इस कानून का "समर्थन" करते हैं।

34 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने कहा कि वे "पूरी तरह" या "कुछ हद तक" सहमत हैं। वहीं, 52 प्रतिशत ने कहा कि वे "पूरी तरह" या "कुछ हद तक" असहमत हैं।