शांति शिखर सम्मेलन में प्रतिभागियों के महत्त्व पर ज़ेलेंस्की ने दिया बल

उक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने उक्रेन में शांति लाने के मुद्दे पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में विभिन्न देशों की उपस्थिति के महत्त्व पर बल दिया है।

उक्रेन ने शांति योजना का प्रस्ताव रखा है, जिस पर चर्चा करने के लिए यह सम्मेलन शनिवार को स्विट्ज़रलैंड के पर्यटन स्थल, बर्गेनस्टॉक में आरम्भ हुआ। इसमें क़रीब 100 देशों तथा अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं।

सम्मेलन में भाग लेने वालों में जापान के प्रधानमंत्री किशिदा फ़ुमिओ, अमरीकी उप राष्ट्रपति कमला हैरिस और फ़्राँस के राष्ट्रपति इमैनुएल माक्रों भी शामिल हैं।

ज़ेलेंस्की ने कहा कि "हम विश्व को दो खेमों में बँटने देने की एक सबसे भयावह स्थिति को टालने में कामयाब रहे।" ग़ौरतलब है कि सम्मेलन में रूस भाग नहीं ले रहा है, लेकिन रूस के साथ संबंध रखने वाले वे देश इसमें हिस्सा ले रहे हैं, जिन्हें सामूहिक रूप से ग्लोबल साउथ के नाम से पहचाना जाता है।

राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने कहा कि उक्रेन, प्रतिभागी देशों के साथ सहयोग कर एक कार्य योजना तैयार करेगा, जो बाद में रूसी प्रतिनिधियों को भेजी जाएगी।

उन्होंने दूसरी बार आयोजित इस शांति सम्मेलन में "युद्ध का वास्तविक अंत सुनिश्चित करने" की आशा व्यक्त की।

अमरीकी उप राष्ट्रपति कमला हैरिस ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्वारा शुक्रवार को प्रस्तावित योजना का उल्लेख किया, जिसमें पुतिन ने शांति वार्ता शुरू करने के लिए अपनी शर्तें रखी हैं।

हैरिस ने कहा कि "वे वार्ता की नहीं बल्कि आत्मसमर्पण की माँग कर रहे हैं।"

इस बीच, सऊदी अरब के विदेश मंत्री शहज़ादा फ़ैसल बिन फ़रहान अल सऊद ने कहा कि गंभीर वार्ता के लिए "कठिन समझौता" आवश्यक है और शांति हासिल करने की विश्वसनीय प्रक्रिया में रूस की भागीदारी ज़रूरी है।