सुरक्षा परीक्षण घोटाले के बाद रुका वाहनों का उत्पादन व शिपमेंट

वाहनों के सुरक्षा परीक्षण घोटाले में शामिल 5 में से 2 जापानी कंपनियों का कहना है कि वे सवालों के घेरे में आये अपने मॉडलों का उत्पादन रोक देंगी।

तोयोता कंपनी, मियागि और इवाते प्रीफ़ैक्चरों में स्थित अपने कारखानों में कोरोला फ़ील्डर और 2 अन्य मॉडलों का उत्पादन बृहस्पतिवार से रोक देगी। मार्च में समाप्त हुए पिछले वित्त वर्ष में जापान में इन मॉडलों के क़रीब 1,20,000 वाहन बेचे गये थे।

वहीं, माज़्दा कंपनी, हिरोशिमा और यामागुचि प्रीफ़ैक्चरों में स्थित अपने कारखानों में रोडस्टर आरएफ़ और एक अन्य मॉडल का उत्पादन स्थगित करने जा रही है। मार्च तक के एक वर्ष में इन दोनों मॉडलों की क़रीब 18,000 गाड़ियाँ बिकी थीं।

इस बीच पता चला है कि यामाहा ने अपनी 3 अलग-अलग मॉडल की मोटरसाइकिलों का ध्वनि परीक्षण, अनुचित परिस्थितियों में किया था। कंपनी ने इनमें से एक मॉडल, वाईज़ेडएफ़-आर1 का शिपमेंट रोक दिया है।

इन घोटालों के स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं और कारोबारी साझेदारों पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है।

पिछले वर्ष दिसम्बर में तोयोता की सहायक कंपनी दाइहात्सु मोटर ने सुरक्षा घोटाला उजागर होने के बाद अपना उत्पादन रोक दिया था, जिससे उसके हज़ारों आपूर्तिकर्ताओं को तगड़ा झटका लगा था।

यह एक प्रमुख कारण था जिसकी वजह से जापान के आर्थिक विकास के ताज़ा आँकड़ों में 2 तिमाहियों में पहली गिरावट दर्ज की गयी थी।