तेल उत्पादन में कटौती को एक वर्ष तक बढ़ायेगा ओपेक प्लस

प्रमुख तेल उत्पादक राष्ट्र समूह यानि ओपेक प्लस ने अपनी वर्तमान उत्पादन कटौती नीति को एक वर्ष और बढ़ाते हुए 2025 के अंत तक जारी रखने पर सहमति व्यक्त की है।

पेट्रोलियम निर्यातक राष्ट्र संगठन और रूस जैसे अन्य प्रमुख तेल उत्पादक देशों ने रविवार को ऑनलाइन मंत्रिस्तरीय बैठक आयोजित की।

बैठक के बाद जारी एक वक्तव्य में समूह ने कहा कि वह मौजूदा कटौती नीति को आगे बढ़ाने पर सहमत हो गया है, जो इस साल के अंत में समाप्त होने वाली थी। इसका मतलब है कि 2025 तक प्रतिदिन 36 लाख 60 हज़ार बैरल की कटौती जारी रहेगी।

सउदी अरब और इराक़ सहित आठ सदस्य भी प्रतिदिन 22 लाख बैरल की स्वैच्छिक कटौती को सितम्बर के अंत तक, तीन महीने के लिए बढ़ा देंगे।

उन्होंने कहा कि वे इस कटौती नीति को अक्तूबर से उत्तरोत्तर समाप्त करेंगे, और कच्चे तेल के बाज़ार के रुझानों पर भी नज़र रखेंगे।

अप्रैल में कच्चे तेल की वायदा क़ीमतों में इस चिंता के कारण वृद्धि हुई थी कि इज़्रायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के चलते पश्चिम एशिया में स्थिति और भी गंभीर हो जाएगी। हालाँकि, वर्तमान में वायदा क़ीमतें उस स्तर से कम हो रही हैं।

ओपेक प्लस, स्पष्ट रूप से चीनी अर्थव्यवस्था तथा अन्य कारकों पर बढ़ती अनिश्चितता के मद्देनज़र उत्पादन में कमी जारी रखकर तेल की क़ीमतों को सहारा देने का प्रयास कर रहा है।