शोधकर्ता - रक्त जाँच से प्रारंभिक चरण में ही पता चलेगा एल्ज़ाइमर का

जापान के शोधकर्ताओं का कहना है कि उन्होंने एक अत्यंत सटीक रक्त जाँच विधि विकसित की है, जिससे एल्ज़ाइमर रोग का कारण बनने वाले प्रोटीन का पता, व्यक्ति में रोग के लक्षण दिखने से पहले ही लगाया जा सकेगा।

तोक्यो विश्वविद्यालय के प्रोफ़ेसर इवात्सुबो ताकेशि और अन्य ने अपने निष्कर्ष एक अंतरराष्ट्रीय चिकित्सा पत्रिका में प्रकाशित किये।

ग़ौरतलब है कि एमिलॉयड बीटा नामक एक प्रकार का असामान्य प्रोटीन, एल्ज़ाइमर रोगियों के मस्तिष्क में लक्षण प्रकट होने से बहुत पहले ही जमा हो जाता है।

वर्तमान में, एल्ज़ाइमर का निदान मस्तिष्क-इमेजिंग जाँच सहित अन्य तरीकों से किया जाता है।

वैज्ञानिकों ने जापान में 474 ऐसे व्यक्तियों के रक्त का विस्तृत विश्लेषण किया जिनमें एल्ज़ाइमर के कोई लक्षण मौजूद नहीं थे, तथा परिणामों की तुलना मस्तिष्क की छवियों से प्राप्त निदान से की।

वैज्ञानिकों का कहना है कि वे दो प्रोटीन, एमिलॉयड बीटा और टाउ फ़ॉस्फ़ोरिलेटेड एट थ्रीओनाइन 217, यानि पी-टाउ217 के रक्त विश्लेषण के माध्यम से मस्तिष्क में एमिलॉयड स्थिति का उच्च सटीकता के साथ पूर्वानुमान लगा पाये।

उन्होंने कहा कि अन्य जानकारी, जैसे कि व्यक्ति की आयु को शामिल करने पर, रक्त जाँच से एमिलॉयड निर्माण का अनुमान लगाने में 90 प्रतिशत से अधिक की सटीकता हासिल की जा सकी।