इज़्रायली सेना ने राफ़ा सीमा चौकी पर किया कब्ज़ा

इज़्रायली नेताओं ने गाज़ा के दक्षिणी शहर राफ़ा में सेना भेजी है, जबकि ज़मीनी कार्रवाई न करने के लिए दुनिया भर से अपील की जा रही है। मंगलवार को सेना ने सहायता पहुँचाने के लिए एक महत्त्वपूर्ण चौकी पर कब्ज़ा कर लिया।

प्रधानमंत्री बेंयामिन नेतन्याहू ने कहा कि "हमास की शेष सैन्य क्षमता" को नष्ट करने की दिशा में इस चौकी पर कब्ज़ा करना एक "बहुत महत्त्वपूर्ण कदम" है।

युद्ध विराम के नवीनतम प्रस्ताव पर नेतन्याहू ने कहा कि यह इज़्रायल की "महत्त्वपूर्ण शर्तों" से "बहुत दूर" है। उन्होंने अपनी शर्तों पर "दृढ़ता से खड़े रहने" के लिए प्रतिनिधिमंडल काहिरा भेजा है।

हमास नेताओं ने भी अपने प्रतिनिधि भेजे हैं। उन्होंने कहा कि राफ़ा चौकी पर "कब्ज़ा" एक गंभीर अपराध है और चेतावनी दी कि इस तरह की "आक्रामकता" जारी रहने पर युद्ध विराम समझौता नहीं होगा।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुतेरेस ने कहा कि पूर्ण स्तर पर हमला एक "रणनीतिक गलती" और "मानवीय दुःस्वप्न" होगा। संयुक्त राष्ट्र के अन्य अधिकारियों का कहना है कि चौकी पर कब्ज़ा करने से गाज़ा को मिलने वाली सहायता "बंद" हो गयी है और केरेम शालोम में एक अन्य महत्त्वपूर्ण सीमा चौकी पहले से बंद है।