जापान व पैराग्वे ने यथास्थिति बलपूर्वक बदलने का किया विरोध

जापान के प्रधानमंत्री किशिदा फ़ुमिओ और पैराग्वे के राष्ट्रपति सैंटियागो पेना ने पुष्टि की है कि यथास्थिति को बलपूर्वक व एकतरफ़ा रूप से बदलने के प्रयासों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

किशिदा और पेना ने शुक्रवार को पैराग्वे की राजधानी असुनसीऑन में मुलाकात की। 2021 में पदभार संभालने के बाद प्रधानमंत्री किशिदा की यह पहली दक्षिण अमरीका यात्रा है।

चीन की बढ़ती आक्रामकता के बीच यह बैठक हो रही है। पैराग्वे एकमात्र दक्षिण अमरीकी देश है जिसके ताइवान के साथ राजनयिक संबंध हैं।

दोनों नेताओं ने परमाणु निरस्त्रीकरण और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् में सुधार की दिशा में मिलकर काम करने पर सहमति व्यक्त की।

उन्होंने पुष्टि की कि दोनों देश एक अंतरिक्ष विकास सहयोग कार्यक्रम शुरू करेंगे, जो उद्योग, सरकार और शिक्षा जगत को एक साथ लायेगा।

उनमें सहमति बनी कि व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए एक समझौता शीघ्र ही संपन्न किया जाना चाहिए।

किशिदा और पेना इस बात पर भी सहमत हुए कि जापान तथा दक्षिण अमरीकी आर्थिक समूह मेरकॉसुर इस बात पर विचार करेंगे कि अपने आर्थिक संबंधों को कैसे मज़बूत किया जाए। मेरकॉसुर समूह में पैराग्वे और ब्राज़ील शामिल हैं।

किशिदा ने एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा कि चूँकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय जटिल संकटों का सामना कर रहा है, इसलिए जापान स्वतंत्रता और लोकतंत्र जैसे मूल्यों को साझा करते हुए पैराग्वे के साथ सहयोग मज़बूत करने की आशा करता है।