शोधकर्ता - बायोइंजीनियर्ड ट्रांसप्लांट में संभावित महत्त्वपूर्ण उपलब्धि

जापान के शोधकर्ताओं का कहना है कि उन्होंने चूहों में प्रत्यारोपित बायोइंजीनियर्ड फेफड़ों में रक्त प्रवाह की पुष्टि की है। उनका कहना है कि इन फेफड़ों को मानव कोशिकाओं का उपयोग करके बनाया गया।

तोहोकु विश्वविद्यालय के विकास, वृद्धावस्था एवं कैंसर संस्थान में सहायक प्रोफ़ेसर सुज़ुकि ताकाया और अन्य शोधकर्ताओं का कहना है कि उन्होंने कोलाजन फ़ाइबर और सबसे नीचे मौजूद झिल्ली को छोड़, चूहे के फेफड़ों से सभी कोशिकाएँ निकाल लीं।

दल का कहना है कि इसके बाद उसने रक्त वाहिकाओं सहित फेफड़े बनाने के लिए इन ढांचों में मानव कोशिकाओं को इंजेक्ट किया, तथा बायोइंजीनियरिंग द्वारा निर्मित अंगों को अन्य चूहों में प्रत्यारोपित किया।

शोधकर्ताओं का कहना है कि फेफड़ों जैसे जटिल अंगों की अभियांत्रिकी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।

उनका कहना है कि उनके अध्ययन में चूहों के लिए विकसित यह बायोइंजीनियरिंग प्रणाली, भविष्य में मानव अंगों की बड़े पैमाने पर बायोइंजीनियरिंग में सहायक हो सकती है।