सीरिया में ईरानी दूतावास पर हमले को लेकर राजनयिकों में आरोप-प्रत्यारोप

ईरान के सर्वोच्च नेता आयातोल्लाह अली ख़ामेनेई ने मंगलवार को एक वक्तव्य जारी कर कहा कि सीरिया में उनके देश के दूतावास पर बमबारी करने वालों को इस अपराध पर "पछतावा" होगा। उन्होंने इसके लिए इज़्रायल के "यहूदी शासन" को दोषी ठहराया।

दमिश्क में सोमवार को ईरानी दूतावास परिसर पर हमला किया गया जिसमें एक इमारत नष्ट हो गयी। ईरान की सरकारी मीडिया का कहना है कि हमले में 13 लोग मारे गये, जिनमें कुद्स फ़ोर्स के एक वरिष्ठ कमांडर और सीरियाई नागरिक शामिल हैं।

सीरिया के प्रधानमंत्री हुसैन अर्नस ने दूतावास का दौरा किया और इज़्रायल पर आरोप लगाते हुए कहा कि "यह देश कानून का उल्लंघन करता है और उसे कुछ नहीं समझता।"

इज़्राइल ने हमले की ज़िम्मेदारी नहीं ली है।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् के सदस्यों ने मंगलवार को एक आपातकालीन बैठक की। रूसी राजदूत वसीली नेबेन्ज़िया ने सवाल उठाया कि अमरीकी अधिकारियों ने हमले के बारे में कोई खुफ़िया जानकारी क्यों नहीं जुटायी।

अमरीका के उप-राजदूत रॉबर्ट वुड ने हमले में अमरीका के शामिल होने की बात से इनकार किया। उन्होंने कहा, "एक बात स्पष्ट है कि ईरान और उसके प्रतिनिधि तथा साझेदार समूहों को क्षेत्र में तनाव बढ़ाने से बचना चाहिए।"