उक्रेन के बुचा की रूसी क़ब्ज़े से मुक्त होने की दूसरी वर्षगाँठ

उक्रेन के बुचा नगर में लोगों ने रूसी क़ब्ज़े से आज़ादी की दूसरी वर्षगाँठ के मौक़े पर रविवार को विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लिया। स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि उक्रेन पर हमले के शुरुआती दिनों में वहाँ 12 बच्चों सहित 509 नागरिक मारे गये थे।

कलाकारों ने गिरजाघर में संगीत प्रस्तुति देकर पीड़ितों को याद किया, जहाँ राजधानी कीव के पास स्थित इस शहर से रूसी सेना के हटने के बाद कई शव मिले थे। लोगों ने एक स्मारक पर फूल चढ़ाए, जिस पर क़ब्ज़े के दौरान मारे गये लोगों के नाम लिखे हैं।

एक महिला जिसके भाई की 34 साल की उम्र में रूसी सेना द्वारा हत्या कर दी गयी थी, उसने कहा कि पानी ख़रीदने के लिए बाहर जाने के बाद वह 39 दिनों तक लापता रहा था। महिला ने कहा कि उसका भाई अपने पीछे दो छोटे बच्चे छोड़ गया है और परिवार अब तक उसकी मौत से उबर नहीं पाया है।

याब्लुंस्का स्ट्रीट के किनारे एक उद्यान में पेड़ लगाये गए, जहाँ 78 लोगों के अवशेष मिले थे जिसके बाद इस जगह को "मौत की सड़क" के रूप में जाना जाने लगा।

परिजनों और अन्य लोगों ने पीड़ितों के नाम वाली चांदी की तख्तियाँ पेड़ों पर लगायीं और प्रार्थना की। यह समारोह, बुचा पर रूसी क़ब्ज़े के दौरान मारे गये लोगों की कुल संख्या के बराबर उद्यान में पौधे लगाने के कार्यक्रम का हिस्सा था।

एक व्यक्ति, जिसके वयस्क बेटे को रूसी सेना ने यातना देकर मार डाला था, उसने रूसी सेना की तुलना प्लेग से की। उसने कहा कि अगर अंतरराष्ट्रीय समुदाय उक्रेन की मदद करने में विफल रहा तो यह प्लेग पूरी दुनिया में फैल जाएगा।