चंदा घोटाले पर 39 सदस्यों को फटकार लगायेगी एलडीपी

जापान की मुख्य सत्तारूढ़ लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी यानि एलडीपी ने अपने कुछ धड़ों से जुड़े चंदा घोटाले को लेकर 39 सदस्यों को फटकार लगाने का निर्णय लिया है।

इन सदस्यों ने चंदा जुटाने से जुड़े कार्यक्रमों की टिकटों की बिक्री के एवज़ में कमीशन ली थी और उसे अपनी आय में नहीं दिखाया था।

इनमें पार्टी के सबसे बड़े धड़े के 4 अधिकारी शामिल हैं। इस धड़े का नेतृत्व दिवंगत प्रधानमंत्री शिंज़ो आबे किया करते थे। इनके अलावा इनमें अन्य लोग भी शामिल हैं, जिन्होंने 2022 तक के 5 वर्षों में 50 लाख येन यानि लगभग 33,000 डॉलर से अधिक धनराशि की जानकारी नहीं दी थी।

एलडीपी के नेता आबे धड़े के 4 अधिकारियों पर भारी जुर्माना लगायेंगे। इस धड़े ने अप्रैल 2022 में कमीशन प्रथा त्यागने का फ़ैसला किया था, लेकिन कुछ महीनों बाद इन 4 अधिकारियों ने इस मामले पर चर्चा कर इस प्रथा को जारी रखने का निर्णय लिया।

आबे धड़े के अधिकारियों को पार्टी छोड़ने के लिए कहा जा सकता है, जो पार्टी की 8 स्तरीय दंड व्यवस्था में दूसरी सबसे बड़ी सज़ा है।

ऐसे सांसद, जो 50 लाख येन से कम राशि की घोषणा करने में विफल रहे, उन्हें एलडीपी महासचिव मोतेगि तोशिमित्सु द्वारा चेतावनी दी जाएगी।

एलडीपी नेता, वरिष्ठ सांसद निकाइ तोशिहिरो को दंडित नहीं करेंगे। निकाइ घोषणा कर चुके हैं कि वे इस घोटाले में अपने धड़े की संलिप्तता की ज़िम्मेदारी लेते हुए अगले आम चुनाव में खड़े नहीं होंगे।

नेताओं को उम्मीद है कि पार्टी की आचार समिति बृहस्पतिवार तक दंड पर फ़ैसला ले लेगी।