स्वास्थ्य मंत्रालय ने किया बेनि-कोजि पदार्थ कारख़ाने का मुआयना

जापान के स्वास्थ्य मंत्रालय और स्थानीय अधिकारियों ने कोबायाशि फ़ार्मास्युटिकल के उस कारख़ाने का निरीक्षण किया है, जहाँ डाइट-सप्लिमेंट के कच्चे माल का प्रबंधन किया जाता है। ग़ौरतलब है कि इस कच्चे माल में "बेनि-कोजि" यानि खमीर उठे लाल चावल डाले जाते थे। इन सप्लिमेंट का संबंध गुर्दे की बीमारियों और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से होने का संदेह है।

पश्चिमी जापान के वाकायामा प्रीफ़ैक्चर में स्थित इस कारख़ाने का संचालन, कोबायाशि फ़ार्मास्युटिकल की सहायक कंपनी करती है।

स्वास्थ्य मंत्रालय और वाकायामा प्रीफ़ैक्चर के 17 अधिकारियों का एक दल, खाद्य स्वच्छता अधिनियम के तहत निरीक्षण करने के लिए रविवार सुबह इस कारख़ाने पहुँचा।

किनोकावा शहर स्थित इस कारख़ाने ने विनिर्माण उपकरण ओसाका शहर स्थित कोबायाशि फ़ार्मास्युटिकल के एक पुराने कारख़ाने से प्राप्त किये थे, जिसे पिछले साल दिसम्बर में बंद कर दिया गया था।

शनिवार को स्वास्थ्य मंत्रालय और ओसाका शहर के अधिकारियों ने ओसाका कारख़ाने का निरीक्षण किया था, जहाँ कोबायाशि फ़ार्मास्युटिकल को उत्पादों के उन नमूनों में प्यूबरुलिक एसिड नामक घटक मिला था, जिन्हें पिछले साल अप्रैल से अक्तूबर के बीच बनाया गया था। आमतौर पर नीले फफूँद से पैदा होने वाले इस घटक और स्वास्थ्य समस्याओं के बीच अब तक किसी प्रत्यक्ष संबंध का पता नहीं चला है।

कोबायाशि फ़ार्मास्युटिकल के अनुसार शुक्रवार तक, कंपनी के बेनि-कोजि युक्त सप्लिमेंट खाने से 5 लोगों की मौत और 114 के अस्पताल में भर्ती होने की ख़बर है। माना जाता है कि प्रभावित लोगों में गुर्दे की समस्या तथा अन्य स्वास्थ्य समस्याएँ पैदा हो गयी हैं। स्वास्थ्य समस्याओं से ग्रस्त लगभग 680 लोग या तो डॉक्टर के पास जा चुके हैं या वे जाने का इरादा रखते हैं।