ओकिनावा में जहाज़-रोधी मिसाइलों की तैनाती पर समारोह

जापान के दक्षिणी प्रीफ़ैक्चर ओकिनावा के मुख्य द्वीप पर सतह से समुद्री जहाज़ों पर मार करने में सक्षम मिसाइलें पहली बार तैनात किये जाने के उपलक्ष्य में शनिवार को एक समारोह आयोजित किया गया, जिसमें रक्षा अधिकारियों सहित क़रीब 90 लोगों ने हिस्सा लिया।

मार्च में रक्षा मंत्रालय ने सतह से समुद्री जहाज़ों पर मार करने में सक्षम टाइप-12 मिसाइलों के संचालन के लिए ओकिनावा के मध्यवर्ती शहर उरुमा स्थित थल आत्मरक्षा बल की कात्सुरेन छावनी में बल की एक टुकड़ी तैनात की थी।

रक्षा उप-मंत्री ओनिकि माकोतो ने अपने भाषण में कहा कि इस टुकड़ी से आशा की जाती है कि वह दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र की रक्षा में केन्द्रीय भूमिका निभायेगी। उन्होंने कहा कि इस टुकड़ी को सुदूर द्वीपों पर समुद्र के रास्ते होने वाले संभावित हमले को रोकने और दुश्मन सेना का ख़ात्मा करने का कार्यभार सौंपा गया है।

ओकिनावा के मुख्य द्वीप पर इस मिसाइल टुकड़ी की यह पहली तैनाती है। यह टुकड़ी, ओकिनावा के मियाकोजिमा तथा इशिगाकिजिमा द्वीपों और कागोशिमा प्रीफ़ैक्चर के आमामि-ओशिमा द्वीप पर तैनात अन्य मिसाइल टुकड़ियों की निगरानी भी करेगी।

इस तैनाती के विरोध में 80 से अधिक लोगों ने छावनी के बाहर प्रदर्शन किया। इनमें से कुछ लोगों के हाथों में तख़्तियाँ थीं, जिन पर "मिसाइलों का बहिष्कार" जैसे नारे लिखे थे।

एक 72 वर्षीय व्यक्ति ने कहा कि अब इस इलाक़े को दुश्मन के हमले का निशाना बनाये जाने का ख़तरा बढ़ गया है।

रक्षा अधिकारी, टाइप-12 मिसाइलों की मारक क्षमता बढ़ाने पर विचार कर रहे हैं ताकि दुश्मन के मिसाइल ठिकानों और अन्य लक्ष्यों पर हमला करने के उद्देश्य से जापान की जवाबी क्षमता के रूप में इनका इस्तेमाल किया जा सके।

ओकिनावा के गवर्नर तामाकि डेनी, अपने प्रीफ़ैक्चर में जवाबी हमले की क्षमता वाले किसी भी हथियार की तैनाती पर विरोध व्यक्त कर चुके हैं।