जापान में प्रवेश अनुमति हेतु नयी जाँच प्रणाली का परीक्षण

जापान के आव्रजन अधिकारी, आतंकवादियों को देश में घुसने से रोकने और आव्रजन प्रक्रिया में भीड़ को कम करने के लिए एक नयी प्रणाली का परीक्षण करेंगे, जिसके तहत प्रस्थान से पहले विदेशी यात्रियों की जाँच की जाएगी।

आव्रजन सेवा एजेंसी अप्रैल से आरम्भ होने वाले आगामी वित्त वर्ष में इस प्रीक्लीयरेंस नामक प्रणाली को प्रायोगिक तौर पर अपनायेगी।

इस प्रणाली के तहत, जापान जाने वाला विदेशी यात्री जब किसी हवाई अड्डे पर चेक-इन करेगा, तब विमान सेवा कंपनियाँ, आव्रजन अधिकारियों को यात्री की पासपोर्ट जानकारी सहित अन्य डाटा प्रदान करेंगी। इसके बाद, आव्रजन अधिकारी अपने डाटाबेस के साथ उस जानकारी का मिलान करेंगे।

ऐसे विदेशी यात्री, जिन्हें आतंकवादी के रूप में चिह्नित किया गया है, या जिन्हें जापान या अन्य जगहों पर एक वर्ष या उससे अधिक का कारावास हो चुका है, या जिन पर जापान में अवैध प्रवास का आरोप लग चुका है, उन्हें संभवतः जापान में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

विमान सेवा कंपनियों को इस बारे में सूचित किया जाएगा, जिसके बाद इन कंपनियों को निर्णय लेना होगा कि वे यात्री को विमान में चढ़ने की अनुमति दें या नहीं।

आव्रजन अधिकारियों के अनुसार पिछले कुछ वर्षों में लगभग 10,000 विदेशी यात्रियों को जापान में प्रवेश करने से रोका गया था। अधिकारियों का कहना है कि अपने देश लौटने से इन्कार करने वाले लोगों को सरकारी ख़र्च पर प्रत्यर्पित किया जाता है।

अमरीका, दक्षिण कोरिया और अन्य देश पहले से ही यह प्रणाली अपना चुके हैं।