मॉस्को कॉन्सर्ट हॉल हमले के मद्देनज़र रूस के निशाने पर प्रवासी

रूस के नेता, मॉस्को के बाहरी इलाक़े में एक कॉन्सर्ट हॉल में शुक्रवार को हुए आतंकी हमले के लिए ज़िम्मेदार लोगों की "पहचान करने और उन्हें दंडित करने" की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने उक्रेन और उसके पश्चिमी सहयोगियों को इस हमले में संलिप्त होने का दोषी ठहराया है, लेकिन साथ ही वे प्रवासियों के प्रति अपनी नीति भी सख़्त कर रहे हैं।

इस्लामिक स्टेट गुट के आतंकवादियों ने इस हमले की ज़िम्मेदारी ली है, जिसमें 143 लोग मारे गये थे और 300 से अधिक घायल हो गये थे। अधिकारियों ने चार लोगों पर आरोप लगाया है, जो कथित तौर पर ताजिक़िस्तान के नागरिक हैं।

स्थानीय मीडिया का कहना है कि सुरक्षा सेवाएँ पिछले कुछ दिनों से प्रवासी समुदायों, विशेषकर मध्य एशिया से आये लोगों पर छापेमारी कर रही हैं। मानवाधिकार अभियोजकों के हवाले से मीडिया ने कहा कि हिरासत में लिये गए या प्रताड़ित किये गए 1000 से अधिक लोगों ने फ़ोन कर उनसे मदद माँगी है।

ताजिक़िस्तान के दूतावास ने रूस में अपने नागरिकों को सार्वजनिक समारोहों से दूर रहने की चेतावनी दी है। किर्ग़िस्तान का विदेश मंत्रालय अपने लोगों को रूस की यात्रा से "अस्थायी रूप से परहेज़" करने के लिए कह रहा है।

फिर भी, रूसी नेताओं का कहना है कि "यह विश्वास करना बेहद मुश्किल है" कि इस्लामी आतंकी, इस तरह के हमले बिना किसी समर्थन के करने में सक्षम होंगे।

विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया ज़ाखारोवा ने बुधवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि पश्चिमी नेता सारा दोष इस्लामिक स्टेट गुट पर डाल रहे हैं, लेकिन "इन प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों के पीछे उन्हीं का हाथ है।"

रूसी अधिकारियों का कहना है कि इस हमले के पीछे उक्रेन, अमरीका और ब्रिटेन का हाथ था। ब्रिटेन के विदेश मंत्री डेविड कैमरॉन ने सोशल मीडिया पर कहा कि ये दावे "पूरी तरह बकवास" हैं।