जेट परियोजना की विफलता के बाद जापान ने तैयार की विमान नीति

जापान सरकार ने यात्री जेट की पहली घरेलू निर्माण परियोजना की हालिया विफलता से सबक लेते हुए विमान उद्योग को विकसित करने के लिए एक नयी रणनीति तैयार की है।

इस नयी रणनीति का लक्ष्य, 2035 की शुरुआत में हाइब्रिड या हाइड्रोजन-ईंधन चालित इंजन वाले अत्याधुनिक हवाई जहाज़ों का व्यावसायीकरण है, जो कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन कम करते हों।

मित्सुबिशि हेवी इंडस्ट्रीज़ ने पिछले साल यात्री विमान विकसित करने की एक 15 वर्षीय परियोजना से हाथ खींच लिया था। सरकारी वित्त पोषण में 50 अरब येन यानि 33 करोड़ डॉलर प्राप्त होने के बावजूद डिलीवरी समय सीमा का बार-बार उल्लंघन हुआ।

जापान के उद्योग मंत्रालय ने मित्सुबिशि हेवी इंडस्ट्रीज़ की परियोजना में कमियों की जाँच की।

उसने निष्कर्ष निकाला कि कंपनी के पास सुरक्षा प्रमाणपत्र प्राप्त करने और विदेशी कलपुर्ज़ा निर्माताओं के साथ कारोबारी अनुभव की कमी है।

इस वजह से कंपनी के लिए अत्यंत जोखिम वाली उक्त परियोजना की लागत में वृद्धि हुई और उसे पूरा करने में देरी भी हुई।

नयी रणनीति, अंतरराष्ट्रीय और सरकारी-निजी सहयोग के माध्यम से जोखिम में विविधता लाने पर ज़ोर देगी।

इसके तहत, विमान-विकास विशेषज्ञता में सुधार के लिए कंपनियों और अनुसंधान संगठनों के बीच सहयोग का भी आह्वान किया गया है।