ब्रिटेन व इटली के साथ बनाये जा रहे लड़ाकू विमानों के निर्यात को अनुमति देगा जापान

जापान ने अपने कड़े रक्षा निर्यात नियमों में ढील देने का निर्णय लिया है ताकि ब्रिटेन और इटली के साथ विकसित किये जा रहे अगली पीढ़ी के लड़ाकू विमान कुछ शर्तों पर निर्यात किये जा सकें।

मुख्य सत्ताधारी लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी और उसकी गठबंधन सहयोगी कोमेइतो के बीच हुए एक समझौते के अनुरूप सरकार ने मंगलवार को मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिया।

सरकार का कहना है कि जापान को ऐसा लड़ाकू विमान विकसित करना चाहिए, जिसमें देश के सुरक्षा माहौल से निपटने की आवश्यक क्षमता हो। सरकार का यह भी कहना है कि लड़ाकू विमान इस तरह विकसित किया जाना चाहिए जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा पर कोई दुष्प्रभाव न पड़े।

सरकार का कहना है कि किसी तीसरे देश को इन लड़ाकू विमानों का निर्यात करने के लिए उसे एक व्यवस्था की आवश्यकता का अहसास हुआ है।

उसके अनुसार निर्यात से पहले सत्ताधारी गठबंधन चर्चा करेगा और प्रत्येक निर्यात के लिए मंत्रिमंडल की मंज़ूरी आवश्यक होगी।

सरकार ने मंगलवार को राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद् की कैबिनेट बैठक बुलाई, जिसमें दूसरे देशों को रक्षा उपकरणों के हस्तांतरण से संबद्ध देश के 3 सिद्धांत लागू करने वाले दिशानिर्देशों में संशोधन किया गया।

संशोधित दिशानिर्देशों के अनुसार केवल अगली पीढ़ी के लड़ाकू विमानों का निर्यात किया जा सकेगा। इसके अलावा केवल उन्हीं देशों को ये विमान दिये जाएँगे, जिनका जापान के साथ रक्षा समझौता होगा और जो उस समय किसी संघर्ष में शामिल नहीं होंगे।