उक्रेन ने मॉस्को हमले में हाथ होने से किया इंकार

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने परोक्ष रूप से संकेत दिया है कि मॉस्को के निकट कॉन्सर्ट हॉल पर हुई गोलीबारी में उक्रेन का हाथ था, हालाँकि उक्रेन ने यह आरोप सिरे से ख़ारिज कर दिया है।

उक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने पुतिन की आलोचना करते हुए कहा है कि वे और अन्य लोग हर बात के लिए दूसरों को ज़िम्मेदार ठहराने की कोशिश कर रहे हैं।

ग़ौरतलब है कि शुक्रवार को हथियारबंद लोगों ने राजधानी के पश्चिमोत्तर स्थित क्रास्नोगोर्स्क शहर के एक कॉन्सर्ट हॉल पर गोलीबारी की थी, जिसके बाद उस इमारत में आग लग गयी थी।

अधिकारियों के अनुसार संगीत कार्यक्रम शुरू होने से पहले सेना की वर्दी पहने कुछ लोगों ने आयोजन स्थल पर धावा बोला।

संवाद एजेंसी आरआईए नोवोस्ति के अनुसार कम से कम 3 लोगों ने अंधाधुंध गोलीबारी शुरू की और विस्फोटकों से धमाका किया।

रूस की जाँच समिति के अनुसार इस हमले में कम से कम 133 लोग मारे जा चुके हैं।

पुतिन ने शनिवार को टेलीविज़न पर जनता को संबोधित करते हुए बताया कि 11 लोगों को पकड़ लिया गया है, जिनमें से 4 लोग इस गोलीबारी में सीधे तौर पर शामिल थे।

पुतिन ने कहा कि इन लोगों ने भागने की कोशिश की और वे उक्रेन की ओर जा रहे थे। पुतिन ने यह भी कहा कि प्राप्त जानकारी के अनुसार, "इनके लिए सीमा पार कर उक्रेन में प्रवेश करने का रास्ता खोल कर रखा गया था।"

उधर, ज़ेलेंस्की ने अपने संबोधन में पुतिन की आलोचना की है।

उन्होंने कहा कि घटना का 1 दिन गुज़र जाने तक पुतिन ने इस सोच-विचार में चुप्पी साधे रखी कि उक्रेन के साथ इसका संबंध कैसे जोड़ा जाए। ज़ेलेंस्की ने यह भी कहा कि ऐसी प्रतिक्रिया का अनुमान उन्हें पहले से था।

वहीं, चरमपंथी गुट इस्लामिक स्टेट से जुड़ी संवाद एजेंसी अमाक़ ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि यह हमला गुट के लड़ाकों ने किया है। अमाक़ ने 4 लोगों की तस्वीरें जारी करते हुए बताया है कि इन्होंने ही हमले को अंजाम दिया।

अमाक़ ने एक लेख प्रकाशित करते हुए बताया कि उसने गुप्त सूत्रों से पुष्टि की है कि मुसलमानों के विरुद्ध लड़ रहे देशों और इस्लामिक स्टेट गुट के बीच बढ़ते संघर्ष के मद्देनज़र यह हमला किया गया।

अमरीका की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद् की प्रवक्ता का एक वक्तव्य में कहना है कि इस हमले के लिए केवल इस्लामिक स्टेट ज़िम्मेदार है और इसमें उक्रेन का कोई हाथ नहीं है।

प्रवक्ता ने सोशल मीडिया पर बताया कि अमरीका के पास मॉस्को में होने वाले इस हमले की ख़ुफ़िया जानकारी थी, जिसके बाद विदेश मंत्रालय ने रूस में रह रहे अमरीकी नागरिकों को सलाह जारी की।

प्रवक्ता ने यह भी बताया कि अमरीका सरकार ने "आगाह करने के कर्तव्य" की अपनी दीर्घकालिक नीति के अनुरूप, रूस के साथ यह जानकारी साझा की थी।