जापान में गांजा के मामले रिकॉर्ड स्तर पर

जापान में गत वर्ष गांजा से संबंधित अपराधों के संदिग्धों की संख्या में रिकॉर्ड वृद्धि हुई, जिसमें 70 प्रतिशत से अधिक मामलों में किशोर और 20 से 29 वर्ष की आयु वाले लोग शामिल थे।

राष्ट्रीय पुलिस एजेंसी ने कहा कि 2023 में 6,482 लोगों पर गांजा रखने या उसे उगाने का संदेह था। पुलिस द्वारा 1958 में इस तरह का डाटा रखना शुरू करने के बाद से यह आँकड़ा सबसे अधिक है। पिछला रिकॉर्ड 2021 में 5,482 मामलों का था।

3,545 मामलों में 20 से 29 वर्ष की आयु वाले लोग शामिल हैं, जिसके बाद 1,222 मामले किशोरों के हैं।

संदिग्धों के रूप में पहचाने गये किशोरों में 21 जूनियर हाई स्कूल के छात्र और 214 सीनियर हाई स्कूल के छात्र थे। सबसे कम उम्र का संदिग्ध 14 साल का था।

शोधकर्ताओं का कहना है कि गांजा में मौजूद यौगिक मानसिक विकार पैदा कर सकते हैं और संज्ञानात्मक प्रकार्यों पर दुष्प्रभाव डाल सकते हैं।

पिछले साल, पुलिस एजेंसी ने गांजा रखने के संदिग्ध 1,000 से अधिक लोगों का साक्षात्कार कर उसके प्रभाव के बारे में जानकारी जुटायी थी।

कुल 76 प्रतिशत ने जवाब दिया कि पदार्थ बिल्कुल भी हानिकारक नहीं है या इतना हानिकारक नहीं है।

एजेंसी के अधिकारियों का कहना है कि गांजा का उपयोग काफ़ी बढ़ रहा है, जिसका आंशिक कारण यह अफ़वाह है कि उसका इस्तेमाल सुरक्षित है। उन्होंने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले गुटों के माध्यम से यह पदार्थ अधिक सुलभ होता जा रहा है।