हॉन्ग कॉन्ग के नये राष्ट्रीय सुरक्षा कानून की दुनिया-भर में आलोचना

अंतरराष्ट्रीय संगठन और विभिन्न देश हॉन्ग कॉन्ग में नये राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के अपनाये जाने पर चिंता व्यक्त कर रहे हैं।

हॉन्ग कॉन्ग की विधान परिषद् ने मंगलवार को सर्वसम्मति से एक राष्ट्रीय सुरक्षा विधेयक पारित किया। नये नियम गोपनीय जानकारी की चोरी, जासूसी और बाहरी हस्तक्षेप सहित राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने वाली गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाते हैं।

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त के कार्यालय ने मंगलवार को कहा कि कानून के कुछ प्रावधान अस्पष्ट हैं और विरोधी विचारों वाले लोगों, तथा पत्रकारों और मानवाधिकारों के समर्थकों को मनमाने ढंग से निशाना बना सकते हैं।

कार्यालय ने कहा कि गहन विचार-विमर्श के लिए पर्याप्त समय लगाये बिना "इतने महत्त्वपूर्ण कानून" को पारित करना "हॉन्ग कॉन्ग में मानवाधिकारों की रक्षा के लिए एक प्रतिगामी कदम है।"

ब्रिटेन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह कानून हॉन्ग कॉन्ग में लोगों के बीच "आत्म-नियंत्रण की संस्कृति को मज़बूत करेगा" और "अभिव्यक्ति, सभा व मीडिया की स्वतंत्रता को कमज़ोर करता रहेगा।"

मंत्रालय ने हॉन्ग कॉन्ग के अधिकारियों से बुनियादी मानवाधिकारों और स्वतंत्रता का सम्मान करने का आग्रह किया।

यूरोपीय संघ ने कहा कि यह कानून "हॉन्ग कॉन्ग में यूरोपीय संघ के नागरिकों, संगठनों और कंपनियों को प्रभावित कर सकता है।"

उसने साथ ही कहा कि यह कानून "अंतरराष्ट्रीय व्यापार केन्द्र के रूप में हॉन्ग कॉन्ग के दीर्घकालिक आकर्षण पर सवाल खड़े करता है।"