तोक्यो सारिन गैस हमला पड़ितों के परिजनों का सरकार से अनुरोध

तोक्यो मेट्रो पर घातक सारिन गैस हमला हुए बुधवार को 29 साल पूरे हो जाएँगे। शोक संतप्त परिवारों ने सरकार से उनके लिए मुआवज़ा सुनिश्चित करने और ऐसी किसी भी घटना की पुनरावृत्ति को रोकने की दिशा में काम करने का आग्रह किया है।

20 मार्च 1995 को, ओम शिन्रिक्यो पंथ के सदस्यों ने मध्यवर्ती तोक्यो की तीन रेल लाइनों पर लोगों से खचाखच भरी मेट्रो ट्रेनों के अंदर ज़हरीली तंत्रिका गैस छोड़ दी थी। इस हादसे में 14 लोग मारे गये और लगभग 6,300 अन्य घायल हो गये थे।

ताकाहाशि शिज़ुए के पति इस हमले में मारे गये थे। वे एक पीड़ित समूह की प्रमुख हैं। सोमवार को, उन्होंने और अन्य लोगों ने न्याय मंत्री कोइज़ुमि रियुजि और सार्वजनिक सुरक्षा ख़ुफ़िया एजेंसी के महानिदेशक उराता हिरोकाज़ु को एक अनुरोध पत्र सौंपा।

यह समूह, सरकार से यह सुनिश्चित करने में सहयोग करने का आह्वान कर रहा है कि ओम शिन्रिक्यो पंथ के उत्तराधिकारी समूह, पीड़ितों और उनके परिवारों को पर्याप्त मुआवज़ा प्रदान करें।

पत्र में अधिकारियों से समूहों पर नज़र रखने और हमले की यादों को धूमिल होने से रोकने के लिए संबंधित सामग्री को संरक्षित करने का भी आग्रह किया गया है।

सरकार, पहले ही एलेफ़ नामक एक ऐसे समूह पर कड़े नियंत्रण लगा चुकी है। एलेफ़ को हर तीन महीने में अपनी गतिविधियों की रिपोर्ट देना आवश्यक है। इसके साथ ही उसे अपने कुछ प्रतिष्ठानों का उपयोग करने और दान प्राप्त करने पर प्रतिबंध लगा हुआ है।