एलडीपी चंदा घोटाले के लिए सज़ा तय करेंगे किशिदा

जापान के प्रधानमंत्री किशिदा फ़ुमिओ ने स्पष्ट कर दिया है कि वे संसद के वर्तमान सत्र के दौरान निर्णय लेंगे कि चंदा घोटाले में शामिल सांसदों को किस तरह से दंडित किया जाए। ग़ौरतलब है कि इस घोटाले ने मुख्य सत्तारूढ़ लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी यानि एलडीपी को हिलाकर रख दिया है।

किशिदा, सोमवार को ऊपरी सदन की बजट समिति के एक सत्र में विपक्षी सांसद के सवाल का जवाब दे रहे थे।

सबसे बड़े विपक्षी दल, कॉन्स्टीट्यूशनल डेमोक्रेटिक पार्टी के पूर्व महासचिव फ़ुकुयामा तेत्सुरो ने एलडीपी की आलोचना करते हुए कहा कि पार्टी के गुटों के अधिकारी, अपने गुटों में धन के अनियंत्रित प्रवाह की जानकारी देने में विफल रहे हैं।

फ़ुकुयामा ने कहा कि राजनैतिक आचार समिति की बैठकों में जिन लोगों से पूछताछ की गयी थी, उन्होंने केवल यही कहा कि उन्हें कोई जानकारी नहीं थी या प्रभार उनके सचिव या कार्यालय के पास था।

उनके बयानों में विसंगतियों को देखते हुए, फ़ुकुयामा ने किशिदा से पूछा कि वे घोटाले में शामिल लोगों को दंडित कब करेंगे।

किशिदा ने कहा कि उनकी पार्टी, घोटाले में संलिप्त लोगों का स्पष्टीकरण हासिल कर उनकी राजनैतिक ज़िम्मेदारी तय करेगी। उन्होंने कहा कि वे जल्द ही किसी निष्कर्ष पर पहुँचना चाहते हैं, भले ही घोटाले में शामिल लोगों की संख्या काफ़ी बड़ी है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि वे संसद के वर्तमान सत्र के दौरान निर्णय लेने पर विचार कर रहे हैं।

फ़ुकुयामा ने पूछा कि क्या किशिदा सज़ा देने से पहले निचले सदन को भंग कर देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि इस मुद्दे को इस तरह से अनसुलझा छोड़ देना लोगों के साथ विश्वासघात होगा।

जवाब में, किशिदा ने कहा कि वे इस समय सदन को भंग करने पर बिल्कुल भी विचार नहीं कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि पार्टी में विश्वास बहाल करने के लिए राजनैतिक ज़िम्मेदारी स्पष्ट करने और इस तरह ही घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने हेतु वे मौजूदा सत्र के दौरान क़ानून बनाने के लिए खुद को समर्पित करेंगे। किशिदा ने इसे अपना लक्ष्य बताया।