राफ़ा पर इज़्रायल के संभावित ज़मीनी हमले को लेकर चिंतित विश्व

दुनिया-भर की सरकारें, दक्षिणी गाज़ा स्थित राफ़ा पर ज़मीनी हमला करने की इज़्रायली सेना की योजना को लेकर चिंतित हैं।

व्हाइट हाउस ने रविवार को बताया कि अमरीकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने इज़्रायली प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतनयाहू से फ़ोन पर बात की है।

व्हाइट हाउस के अनुसार बाइडन ने अपना रुख़ दुहराया है कि “वहाँ मौजूद 10 लाख से अधिक विस्थापितों की सुरक्षा और मदद सुनिश्चित करने की विश्वसनीय एवं व्यावहारिक योजना के बिना” राफ़ा पर कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए।

फ़्राँस के विदेश मंत्रालय ने रविवार को एक वक्तव्य जारी करते हुए कहा कि राफ़ा पर इज़्रायल की बड़ी कार्रवाई से एक नये और अनुचित आयाम की प्रलयकारी मानवीय स्थिति उत्पन्न होगी।

इज़्रायल और हमास के बीच वार्ता में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे मिस्र के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने भी रविवार को एक वक्तव्य जारी किया। इसमें राफ़ा को निशाना बनाने से रोकने के संगठित अंतरराष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय प्रयासों का आह्वान किया गया है। ग़ौरतलब है कि राफ़ा में इस समय क़रीब 14 लाख फ़िलिस्तीनी विस्थापितों ने शरण ली हुई है।

नेतनयाहू ने राफ़ा पर भीषण हमला करने की ज़रूरत पर बल दिया है। इज़्रायल के अनुसार राफ़ा में हमास का गढ़ है।

नेतनयाहू ने एबीसी न्यूज़ को साक्षात्कार दिया, जो रविवार को प्रसारित किया गया। नेतनयाहू ने कहा कि यह तर्क दिया जा रहा है कि इज़्रायली सेना को राफ़ा पर धावा नहीं बोलना चाहिए, जो असल में यह कहने के समान है कि “युद्ध में हार मान लें।”

हमास के एक वरिष्ठ सदस्य ने आगाह किया है कि राफ़ा पर हमले तेज़ हुए, तो बंधकों की रिहाई पर वार्ता संभव नहीं होगी।