पश्चिमी देशों से अतिरिक्त मदद के बिना कमज़ोर पड़ सकता है उक्रेन

पश्चिमी देशों द्वारा उक्रेन को अतिरिक्त हथियारों की आपूर्ति के बिना आशंका है कि रूसी मिसाइलों और ड्रोन विमानों को भेदने की उसकी वायु रक्षा क्षमता कमज़ोर पड़ सकती है।

उक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने देश की हवाई सुरक्षा में सुधार के लिए बार-बार पश्चिमी देशों के नेताओं से अतिरिक्त सैन्य सहायता की गुहार लगायी है।

परंतु, उक्रेन का सबसे बड़ा समर्थक देश, अमरीका आपातकालीन बजट विधेयक पर संसद में गतिरोध के कारण अब तक कीव को अतिरिक्त मदद नहीं भेज पाया है।

न्यूयॉर्क टाइम्स ने शुक्रवार को कहा कि अमरीका सरकार के अधिकारियों के आकलन के अनुसार यदि उक्रेन को दुबारा सहायता मुहैया नहीं करायी गई, तो उसके पास मौजूद वायु रक्षा हथियार अगले महीने से ज़्यादा नहीं चलेंगे।

अमरीकी विचार मंच, युद्ध अध्ययन संस्थान ने शनिवार को कहा कि "हालिया हफ़्तों में रूसी हमलों के तीव्र होने से उक्रेन की वायु रक्षा क्षमता पर और दबाव पड़ा है।"

संस्थान ने चेतावनी दी कि यदि रूसी सेना ने उक्रेन में अपनी थल सेना के साथ ताल-मेल बना कर व्यापक पैमाने पर लगातार हवाई हमले किये, तो इससे उक्रेन के लिए "गंभीर ख़तरा" पैदा हो सकता है।