ईरान ने गाज़ा संघर्ष पर की इज़्रायल व अमरीका की निंदा

ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी ने गाज़ा पट्टी में संघर्ष पर इज़्रायल और अमरीका की एक बार फिर कड़ी आलोचना की है।

रईसी ने रविवार को इस्लामी क्रांति की 45वीं वर्षगाँठ पर राजधानी तेहरान में भाषण दिया।

रईसी ने कहा कि इज़्रायल और अमरीका को जानने के इच्छुक लोगों को फ़िलिस्तीनियों के खिलाफ़ युद्ध अपराधों पर नज़र डालनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अमरीका अब उन अपराधों की पैरवी कर रहा है।

रईसी ने यह भी कहा कि पश्चिमी देशों ने ईरान को फ़िलिस्तीनियों का समर्थन करने से रोकने के अथक प्रयास किये लेकिन फ़िलिस्तीन का मुद्दा इस्लामी जगत की पहली प्राथमिकता है।

ईरान, इस्लामी गुट हमास और अन्य उग्रवादियों का समर्थन करता आ रहा है।

इस्लामी क्रांति की 45वीं वर्षगाँठ मनाने के लिए पूरे ईरान में नागरिकों की भीड़ सड़कों और चौराहों पर एकत्र हुई, जिनमें से कुछ के हाथ में फ़िलिस्तीनी झंडे थे।

1979 की क्रांति में अमरीका समर्थक पहलवी राजवंश का तख़्तापलट हुआ था, जिसके बाद वर्तमान इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ़ ईरान की स्थापना हुई, जिस पर इस्लामी क़ानूनविदों का शासन क़ायम है।

स्थापना के बाद से ईरान, कट्टरपंथी अमरीका विरोधी नीतियाँ अपनाता आया है। उसने येरूशलम पर इज़्रायल का शासन होने के कारण उसे भी अपना दुश्मन बना रखा है। ग़ौरतलब है कि येरूशलम में इस्लाम का एक प्रमुख पवित्र स्थल स्थित है।