नाटो देशों पर रूसी हमले को 'प्रोत्साहित' करने की ट्रम्प की इच्छा की आलोचना

अमरीका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का एक बयान सामने आया है जिसमें उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान कहा था कि नाटो के रक्षा व्यय में उचित योगदान न देने वाले वॉशिंगटन के सहयोगियों पर वे रूस को हमला करने के लिए "प्रोत्साहित" करेंगे। पश्चिमी देशों के अधिकारियों ने इसके लिए ट्रम्प की आलोचना की है।

ट्रम्प ने शनिवार को साउथ कैरोलाइना में एक राजनीतिक रैली के दौरान इस बात का खुलासा किया। नवंबर में होने वाले चुनाव में अमरीकी राष्ट्रपति के रूप में दूसरी बार निर्वाचित होने के लिए वे रिपब्लिकन पार्टी की नामांकन दौड़ में भाग ले रहे हैं।

अपने राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान ट्रम्प ने यह दावा कर असंतोष व्यक्त किया था कि कई नाटो देश अपनी रक्षा के लिए अमरीका पर निर्भर हैं।

ट्रम्प ने शनिवार की सभा में वर्तमान अमरीकी राष्ट्रपति जो बाइडन पर आरोप लगाया कि वे घरेलू नीतियों की तुलना में बाहरी मुद्दों के लिए अधिक धन आवंटित करते हैं।

ट्रम्प ने एक बैठक का उल्लेख भी किया जिसमें उन्होंने बतौर राष्ट्रपति नाटो नेताओं के साथ मुलाक़ात की थी।

ट्रम्प ने कहा कि "एक बड़े देश" के राष्ट्रपति ने उनसे पूछा था कि यदि रूस ने उन नाटो देशों पर हमला किया जो रक्षा ख़र्च का उचित भार वहन नहीं करते, तो अमरीका सुरक्षा प्रदान करेगा या नहीं।

ट्रम्प ने कहा कि उन्होंने जवाब दिया कि वे ऐसे देशों की रक्षा नहीं करेंगे और "रूसियों को अपनी मनमानी करने के लिए प्रोत्साहित करेंगे।"

ट्रम्प की टिप्पणियों के ठीक बाद व्हाइट हाउस ने वक्तव्य जारी कर कहा, "हमारे निकटतम सहयोगियों पर आक्रमण के लिए हत्यारे प्रशासनों को प्रोत्साहित करना भयावह और मूर्खतापूर्ण है।"