जापानी कंपनियाँ बढ़ती नौवहन लागत से चिंतित

लाल सागर में जहाज़ों पर यमन के हूथी विद्रोहियों द्वारा हाल में किये गए हमलों के कारण जापान के प्रमुख व्यापारिक घराने नौवहन की बढ़ती लागत के प्रति चौकस हो रहे हैं।

सुमितोमो कॉर्पोरेशन का कहना है कि लागत बढ़ सकती है क्योंकि वह एशिया से यूरोप तक इस्पात सामग्री और रसायनों का नौवहन करते समय लाल सागर की बजाय दक्षिण अफ़्रीका में केप ऑफ़ गुड होप को प्राथमिकता दे रही है।

नौवहन की लम्बी अवधि को देखते हुए अब यह कंपनी कुछ ऑर्डर तो निर्धारित समय से पहले ही भेज रही है और कुछ उत्पादों के लिए हवाई परिवहन पर भी विचार किया जा रहा है।

तोयोता त्सूशो कॉर्पोरेशन ने भी तुर्की के पास अपने उत्पादन केन्द्रों को ऑटो पार्ट्स भेजते समय वैकल्पिक मार्गों की बढ़ती लागत के बारे में चिंता व्यक्त की है। कंपनी का कहना है कि अफ़्रीका और अन्य स्थानों पर नौका किराये में हुई कोई भी बढ़ोतरी का दुष्प्रभाव वित्त वर्ष 2024 के अंत तक उसके व्यवसाय पर पड़ सकता है।