अदन की खाड़ी में समुद्री डकैती-रोधी मिशन पर रवाना हुआ एमएसडीएफ़ जहाज़

यमन के हूथी विद्रोहियों द्वारा अदन की खाड़ी में जहाज़ों पर लगातार हमलों के चलते, जापान के समुद्री आत्म-रक्षा बल यानि एमएसडीएफ़ का एक विध्वंसक पोत, क्षेत्र में समुद्री डकैती-रोधी अभियान पर रवाना हो गया है।

साज़ानामि नामक यह पोत, एमएसडीएफ़ के एक अन्य विध्वंसक, आकेबोनो की जगह लेगा, जो वर्तमान में क्षेत्र में डकैती-रोधी मिशन पर है।

साज़ानामि अपने 206 सदस्यीय दल के साथ बृहस्पतिवार को हिरोशिमा प्रीफ़ैक्चर में कुरे स्थित सैन्यअड्डे से रवाना हुआ। कर्मियों के परिजनों और अन्य एमएसडीएफ़ सदस्यों ने पोत को विदा किया। चालक दल में जापान तटरक्षक बल के सदस्य शामिल हैं।

साज़ानामि, मार्च के मध्य तक विध्वंसक आकेबोनो की जगह ले कर लगभग चार महीने का अपना मिशन शुरू करेगा।

अदन की खाड़ी, एक जलडमरूमध्य के माध्यम से लाल सागर से जुड़ती है। हूथी विद्रोही, लाल सागर और उसके आस-पास के जल क्षेत्र में नौवहन करने वाले जहाज़ों पर लगातार हमले कर रहे हैं।

पिछले साल नवंबर में, आकेबोनो के तैनाती क्षेत्र में बैलिस्टिक मिसाइलें दाग़ी गयी थीं। अमरीकी सेना ने कहा कि ये मिसाइलें यमन के हूथी-नियंत्रित क्षेत्रों से दाग़ी गयी थीं।

एमएसडीएफ़ का कहना है कि वह क्षेत्र में स्थिति की निगरानी करेगा तथा जानकारी एकत्र कर जहाज़ और चालक दल की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु हरसंभव प्रयास करेगा।