म्यांमार के लोकतंत्र समर्थक खेमे ने जापान से की मदद की माँग

बृहस्पतिवार को म्यांमार में सैन्य तख़्तापलट को तीन साल पूरे हो गये। देश की सत्ता अब सेना के हाथ में है और वह नागरिकों का शोषण कर रही है। म्यांमार में जारी उथल-पुथल के बीच, देश के लोकतंत्र समर्थक खेमे के विदेश मंत्री ने अपने यहाँ मानवीय संकट को कम करने के लिए जापान से सहायता की माँग की है।

सेना ने बुधवार को आपातकाल को 6 महीने के लिए आगे बढ़ाने की घोषणा की। उसने देश में बिगड़ती सुरक्षा स्थिति समेत अन्य कारणों का हवाला दिया। चुनाव के माध्यम से लोकतंत्र बहाली की कोई संभावना नज़र नहीं आ रही।

राष्ट्रीय एकता सरकार यानि एनयूजी की ज़िन मार आंग ने एक ऑनलाइन साक्षात्कार में एनएचके से बात की।

उन्होंने कहा कि सेना के ख़िलाफ़ लड़ाई में अक्तूबर में जातीय अल्पसंख्यक गुटों के साथ जुड़ने के साथ ही सकारात्मक परिणाम मिलने शुरू हो गये थे।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र समर्थक ताकतों ने सैन्य सरकार के साथ शांतिपूर्ण बातचीत की माँग की है, लेकिन इसका कोई फ़ायदा नहीं हुआ।

उन्होंने कहा कि अहिंसक विरोध प्रदर्शनों का कोई असर देखने को नहीं मिला है। ऐसे प्रदर्शनों में भाग लेने वालों को या तो जेल में डाल दिया गया या मार दिया गया। उन्होंने कहा, "हम नहीं चाहते कि इतिहास दुहराया जाए। हमें उससे सीख लेनी होगी।"