न्याय मंत्रालय पेश करेगा संयुक्त बाल कस्टडी प्रस्ताव

जापान के न्याय मंत्रालय की एक समिति ने तलाकशुदा माता-पिता को अपने बच्चों की कस्टडी साझा करने देने के प्रस्तावों की रूपरेखा तैयार की है। मंत्रालय की संसद के मौजूदा सत्र में नागरिक संहिता और अन्य कानूनों में संशोधन प्रस्तुत करने की योजना है।

विधान परिषद् की पारिवारिक कानून उपसमिति द्वारा तैयार मसौदे की रूपरेखा का उद्देश्य वर्तमान व्यवस्था को संशोधित करना है, जिसके तहत अभिभावक अधिकार माता या पिता में से किसी एक को ही दिये जाते हैं।

मसौदे में कहा गया है कि दोनों अभिभावकों को तय करना होगा कि वे बच्चों की संयुक्त कस्टडी का आवेदन करना चाहते हैं या नहीं। यदि उनमें सहमति नहीं बन पाती है, तो पारिवारिक अदालत निर्णय लेगी। मसौदे में कहा गया है कि अदालत द्वारा घरेलू हिंसा या बाल शोषण माने जाने वाले मामलों में ही एकल कस्टडी का अधिकार दिया जाएगा।

समिति ने एक प्रस्ताव शामिल किया है जिसमें सरकार और कल्याण अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त सहयता देने का आह्वान किया गया ताकि बच्चों के अधिकारों का हनन न हो।

व्यवस्था को लागू करने, सहायता प्रदान करने तथा पारिवारिक अदालतों की और अधिक भूमिका के प्रबंधन के तरीकों पर निर्णय लिया जाना अभी बाकी है।

अनुमान है कि विधान परिषद् जल्द से जल्द अगले महीने बैठक कर मसौदे की रूपरेखा को अंतिम रूप देगी और न्याय मंत्री कोइज़ुमि रियूजि को जानकारी देगी। मंत्रालय संसद के वर्तमान सत्र में इन संशोधनों को लागू करना चाहता है।