आईएईए - फ़ुकुशिमा दाइइचि प्रशोधित जल निस्तारण अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों के अनुरूप

संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी एजेन्सी ने पुष्टि की है कि जापान के क्षतिग्रस्त फ़ुकुशिमा परमाणु संयंत्र से समुद्री जल मिश्रित प्रशोधित जल को समुद्र में निस्तारित करने की योजना अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों के अनुरूप है।

अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेन्सी यानि आईएईए के कार्यबल ने पिछले वर्ष अगस्त से जारी जल निस्तारण कार्य की पहली विस्तृत रिपोर्ट मंगलवार को जारी की। यह निगरानी दल जल निस्तारण कार्य की समीक्षा कर रहा है।

एजेन्सी ने इससे पहले जुलाई में जारी रिपोर्ट में कहा था कि प्रशोधित जल को समुद्र में निस्तारित करने की जापान की योजना अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानदंडों के अनुरूप है। साथ ही, यह भी कहा कि नियोजित जल निस्तारण कार्य का मनुष्यों और पर्यावरण पर नगण्य विकिरण प्रभाव होगा।

आईएईए ने जल निस्तारण कार्य शुरू होने के बाद कार्यबल की पहली समीक्षा रिपोर्ट के आधार पर हाल ही में जारी रिपोर्ट में अपने निष्कर्ष की पुनःपुष्टि की है।

अक्तूबर में जापान आये निगरानी दल में ब्रिटेन, दक्षिण कोरिया और चीन समेत 11 देशों के विशेषज्ञ थे। चीन जल निस्तारण कार्य का विरोध कर रहा है।

आईएईए ने संयंत्र की संचालक कम्पनी तोक्यो इलेक्ट्रिक पावर कम्पनी और जापान की अन्य सम्बद्ध एजेन्सियों द्वारा स्रोत और पर्यावरण की निगरानी करने के प्रयासों के महत्त्व का भी उल्लेख किया।

एजेन्सी ने कहा वह नियमित रूप से समीक्षा करती रहेगी और आगामी जाँच इस वर्ष वसंत में होगी।

जापान सरकार आईएईए की नवीनतम रिपोर्ट चीन जैसे पड़ोसी देशों के साथ साझा कर जल निस्तारण कार्य की सुरक्षा पर उनकी समझ हासिल करने का प्रयास करेगी।

फ़ुकुशिमा दाइइचि संयंत्र में पिघले ईंधन को ठंडा करने के लिए इस्तेमाल जल में वर्षा और भूजल मिल जाता है। भंडारित जल से अधिकांश रेडियोधर्मी पदार्थ हटाने के लिए उसे प्रशोधित किया जा रहा है लेकिन इसमें ट्रिटियम शेष रह जाता है।

प्रशोधित जल को समुद्र में निस्तारित करने से पहले संयंत्र संचालक उसमें समुद्री जल मिलाकर ट्रिटियम की मात्रा विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा पेयजल के लिए निर्धारित मानदंड के लगभग सातवें हिस्से के बराबर ला रही है।