राजनीतिक सुधार व भूकंपग्रस्त क्षेत्रों के पुनर्निर्माण का किशिदा का संकल्प

जापान के प्रधानमंत्री किशिदा फ़ुमिओ ने संसद में दिये अपने नीतिगत भाषण में राजनीति में जन-विश्वास बहाल करने का संकल्प व्यक्त किया है। अपनी मुख्य सत्तारूढ़ लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी यानि एलडीपी के धड़ों से जुड़े चंदा घोटाले के मद्देनज़र किशिदा ने यह संकल्प लिया है।

किशिदा ने मंगलवार को भाषण की शुरुआत में 1 जनवरी को इशिकावा प्रीफ़ैक्चर के नोतो क्षेत्र में आये शक्तिशाली भूकंप से मारे गये लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की।

उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2024 के बजट में आरक्षित निधि को दुगुना कर 10 खरब येन यानि लगभग 6.8 अरब डॉलर कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि वे प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्निर्माण के लिए कार्यबल का नेतृत्व करते हुए यथासंभव प्रयास करेंगे और इन क्षेत्रों में बहाली कार्य पूरा होने तक सरकार इसकी देखरेख करेगी।

चंदा घोटाले के बारे में किशिदा ने कहा कि यह बेहद खेदजनक है और वे हृदयतल से क्षमाप्रार्थी हैं। उन्होंने कहा कि वे अन्य दलों और संसदीय समूहों के साथ बातचीत के बाद राजनीतिक चंदा नियंत्रण क़ानून में संशोधन सहित वैधानिक उपायों की माँग करेंगे।

प्रधानमंत्री ने माना कि एलडीपी धड़ों को ऐसे समूहों के रूप में देखा जाता है, जो मौद्रिक मामलों में शामिल हैं और मंत्रिमंडल तथा पार्टी में प्रमुख पदों पर आसीन हैं। किशिदा ने अत्यंत खेद व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने नीतियाँ निर्धारित करने वाले समूहों को धन और कार्मिक मामलों से पूरी तरह अलग रखने का फ़ैसला किया है।

राजनयिक एवं सुरक्षा मामलों पर किशिदा ने कहा कि वे अप्रैल की शुरुआत में वॉशिंगटन की अपनी नियोजित आधिकारिक यात्रा जैसे अवसरों के माध्यम से अमरीका के साथ जापान के संबंधों में विस्तार और घनिष्ठता लाना चाहते हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि जापान, रूस पर प्रतिबंध कड़े करते हुए उक्रेन के प्रति समर्थन जारी रखेगा। किशिदा ने कहा कि आर्थिक पुनर्निर्माण को बढ़ावा देने के लिए जापान-उक्रेन सम्मेलन फ़रवरी में तोक्यो में आयोजित किया जाएगा।