विदेशी मूल के निवासियों ने पुलिस द्वारा नस्लीय भेदभाव किये जाने पर किया मुक़दमा

जापान के विदेशी मूल के तीन निवासियों ने पुलिस पर कथित नस्लीय भेदभाव का आरोप लगाते हुए प्रीफ़ैक्चर और स्थानीय सरकारों से मुआवज़े की माँग करते हुए मुक़दमा दायर किया है।

तोक्यो और आइचि प्रीफ़ैक्चर में रहने वाले ये लोग सोमवार को अपने वक़ीलों के साथ राजधानी में पत्रकारों से मिले।

वादियों की शिकायत है कि उन्हें बिना किसी स्पष्ट कारण के पुलिस द्वारा बार-बार रोका गया।

वादियों का कहना है कि पुलिस ने उनके सामान की तलाशी ली और उन्हें रोकने के लिए अजीब बहाने दिये मसलन कि विदेशी नागरिकों को गाड़ी चलाते हुए देखना दुर्लभ है।

तीनों वादी केंद्र, तोक्यो महानगर सरकार और आइचि प्रीफ़ैक्चर की सरकार से 30 लाख येन यानि लगभग 20,000 डॉलर का हर्जाना माँग रहे हैं। उनका कहना है कि इस तरह की पुलिस पूछताछ, भेदभावपूर्ण कार्रवाई है और संविधान का उल्लंघन है।

वादियों के वक़ीलों ने एक संवाददाता को उन निर्देशों के बारे में बताया, जिन्हें कथित तौर पर आइचि प्रीफ़ैक्चर की पुलिस ने तैयार किया है।

वक़ीलों के अनुसार, इन निर्देशों के तहत, "अधिकारियों को इस विश्वास के साथ व्यापक जाँच करनी चाहिए कि विदेशी दिखने वाले और जापानी नहीं बोलने वाले व्यक्ति, किसी न किसी प्रकार से अवैध कार्रवाई में शामिल होंगे।"

पाकिस्तानी मूल का 26 वर्षीय वादी, सेइएदो ज़ेइन जापानी नागरिक है।उसने संवाददाताओं से कहा कि उसने पुलिस के साथ सहयोग किया क्योंकि उसे ऐसा करना सुरक्षित लगा। उसने बताया कि 10 से अधिक बार पूछताछ के बाद भी रोका जाना उसे आश्चर्यजनक लगा।