पुतिन ने लिया 'नाज़ीवाद' के ख़िलाफ़ लड़ाई जारी रखने का संकल्प

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सेंट पीटर्सबर्ग के बाहरी इलाके में स्थित एक युद्ध स्मारक का दौरा कर, द्वितीय विश्व युद्ध में लड़ने वाले सोवियत संघ के सैनिकों की प्रशंसा की।

पुतिन ने संकल्प लिया कि वे "नाज़ीवाद" के ख़िलाफ़ लड़ाई जारी रखेंगे।

द्वितीय विश्व युद्ध के समय लेनिनग्राद के नाम से जाने जाने वाला सेंट पीटर्सबर्ग एक भीषण युद्ध का गवाह बना था। नाज़ी जर्मनी की लगभग 900 दिन चली घेराबंदी के दौरान लाखों लोग मारे गये थे।

शनिवार को पुतिन ने लाल सेना द्वारा घेराबंदी समाप्त करने की 80वीं वर्षगांठ मनायी।

उन्होंने एक कब्रिस्तान में फूल चढ़ाये और युद्ध के दौरान मारे गये लोगों के सम्मान में एक नये स्मारक पर अपने संबोधन में कहा कि "हम नाज़ीवाद को रोकने और उसे मिटाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।"

रूसी नेता ने कहा है कि उक्रेन पर उनके सैन्य अभियान का लक्ष्य "नाज़ीवाद का सफ़ाया" है।

पुतिन के क़रीबी और बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्ज़ेंडर लुकाशेंको भी इस मौक़े पर उनके साथ शामिल हुए और युद्ध के दौरान दोनों देशों के साझा इतिहास के बारे में बात की।

पुतिन ने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान मारे गये लोगों के सम्मान में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से युद्ध में सोवियत संघ की जीत पर ज़ोर देते हुए रूसी जनता का समर्थन हासिल करने का प्रयास किया।