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जापान की विशिष्टताएँ

संक्षेप में जानिए जापान की संस्कृति, भाषा, परम्परा, और शिष्टाचार के बारे में । हो सकता है कुछ ऐसा जानने को मिल जाए जो जानने की हमेशा से जिज्ञासा थी ।

पाठ 40सक्रिय सेवानिवृत्त जीवन

जापान में, बुज़ुर्ग सक्रिय रहना पसंद करते हैं । साठ-सत्तर साल के बुज़ुर्ग भी अक्सर दोस्तों के साथ हाइकिंग करने, घूमने-फिरने जाते हैं । जीवन बीमा से जुड़े एक संस्थान के सर्वेक्षण के अनुसार सेवानिवृत्त होने के बाद भी लोग, घूमने-फिरने, खेल-कूद, खाने-पीने और किताबें पढ़ने में अपने को व्यस्त रखते हैं ताकि दिमाग़ और शरीर चुस्त और तंदुरुस्त रख सकें । शायद यही जापान के लोगों की लम्बी उम्र का राज़ है ।

सौजन्य: जापान जीवन बीमा संस्थान

पाठ 40 पर एक नज़र

पाठ 39तातामि

तातामि जापान के पारम्परिक चटाईनुमा, क़रीब दो इन्च मोटे गद्दे होते हैं जिन्हें कमरे में फ़र्श की तरह फ़िट कर दिया जाता है । तातामि धान की फसल से निकली फूस से तैयार की जाती है । लेकिन इन दिनों फूस की जगह स्टायरीन फ़ोम जैसी नई सामग्री का इस्तेमाल भी बढ़ रहा है । तातामि की ख़ासियत है कि ये गर्मियों में ठंडी और सर्दियों में गर्म रहती हैं ।
जापान के कान्तोउ इलाक़े में तातामि की लम्बाई होती है एक सौ छिहत्तर सैंटीमीटर और चौड़ाई होती है अट्ठासी सैंटीमीटर । कान्साइ इलाक़े में तातामि का आकार कान्तोउ की तातामी से थोड़ा बड़ा होता है ।
जापानी मकानों में फर्श पर तातामि लगाने की परम्परा सदियों से चली आ रही है । लेकिन इन दिनों पश्चिमीकरण की वजह से तातामि वाले मकान कम होते जा रहे हैं । फिर भी पश्चिमी शैली से बने बहुत से मकानों में भी, तातामि वाला कम से कम एक कमरा ज़रूर होता है ।
जापान में कमरे का आकार तातामि में गिना जाता है, जैसे "6 तातामि" या "आठ तातामि" का कमरा ।

पाठ 39 पर एक नज़र

पाठ 38आपदा से बचाव की तैयारी

किसी भी बड़ी आपदा के बाद, अक्सर कई दिन तक जन-जीवन ठप्प रहता है । रोज़ की ज़रूरत की चीज़ें भी आसानी से नहीं मिलतीं । ऐसे समय के लिए हमेशा तैयार रखना चाहिए "इमर्जेन्सी बैग" । इस बैग में रखिए मुसीबत के समय में काम आने वाला सामान जैसे पानी, खाने पीने की ऐसी चीज़ें जिन्हें पकाने की ज़रूरत न हो और जो जल्दी ख़राब न हों, टॉर्च, बैटरी और दवाइयाँ। इसके अलावा आपके पास एक रेडियो भी होना चाहिए जिससे आपको ताज़ा स्थिति की ख़बर मिलती रहे ।
भूकम्प से होने वाले नुक़सान से बचने के लिए जहाँ तक हो सके घर का फ़र्नीचर दीवारों से सटा कर रखें । 1995 में कोउबे में आए भूकम्प में ज़्यादातर लोगों की मृत्यु मकान या फ़र्नीचर के नीचे दब कर ही हुई थी । फ़र्नीचर गिरने से न सिर्फ़ चोट लग सकती है, बल्कि बाहर निकलने का रास्ता भी बंद हो सकता है । सावधानी ही बचाव का सबसे अच्छा तरीक़ा है ।

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पाठ 37मौसम की बातचीत

जापानी लोगों को मौसम के बारे में बात करना अच्छा लगता है । दफ़्तर में भी अक्सर बातचीत की शुरूआत मौसम की चर्चा से ही होती है, जैसे "आज बहुत गर्मी है न ?" या "आज मौसम कितना अच्छा है" । आप इसे एक तरह का अभिवादन कह सकते हैं । दरअसल जापान के लोग स्पष्ट बात कहना पसंद नहीं करते । इसलिए किसी से बातचीत की शुरूआत में ही, उसके या अपने निजी जीवन से जुड़े विषयों से बचना चाहते हैं । ऐसे में सबसे आसान रास्ता है, मौसम के बारे में बात करना क्योंकि इसमें किसी को कोई झिझक महसूस नहीं होती ।

पाठ 37 पर एक नज़र

पाठ 36सैलून और नाई का दुकान

बाल कटवाने के लिए आप जा सकते हैं बियोउइन यानी "सैलून" या तोकोया यानी "नाई की दुकान" । तो सीखते हैं वहाँ इस्तेमाल होने वाले कुछ शब्द ।
कुओन और नाई की बातचीत में एक शब्द आया था माएगामि यानी "आगे के बाल" । इसके अलावा एरिआशि कहते हैं पीछे गर्दन के पास वाले बालों को, और मोमिआगे कहते हैं "कनपटी के बाल या कलम" को । अगर आपको बाल "पर्म" करवाने हों तो कहिए पामा ओ ओनेगाइ शिमासु यानी "पर्म करवाना है" । अगर आपकी कोई ख़ास इच्छा न हो कि बाल कितने और कैसे कटवाने है, और चाहते हों कि नाई को जैसा ठीक लगे वैसे कर दे, तो कहिए ओमाकासे शिमासु यानी "जैसा आप ठीक समझें" ।

पाठ 36 पर एक नज़र

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