एनएचके वर्ल्ड > सरल जापानी > सीखें जापानी भाषा ऑनलाइन > पाठ 20 स्वागत है !
सीखें जापानी भाषा ऑनलाइन पाठ 20 स्वागत है !
कुओन अपने सहयोगियों के साथ आकिहाबारा में पर्सनल कम्प्युटर ख़रीदने आए हैं ।
प्रमुख वाक्य: इराश्शाइमासे
| 店員 | いらっしゃいませ! ただいまセール中です! | स्वागत है ! अभी सेल चल रही है ! |
|---|---|---|
| दुकान कर्मचारी | इराश्शाइमासे ! तादाइमा सेएरु-चुउ देसु ! | |
| 山田 | 今日買うのはパソコンだけ? | आज सिर्फ़ पर्सनल कम्प्यूटर ही ख़रीदना है ? |
| यामादा | क्योउ काउ-नो-वा पासोकोन् दाके ? | |
| クオン | いや、テレビとか電子レンジとか色々 買おうと思っています。 | नहीं, सोच रहा हूँ, टीवी, माइक्रोवेव अवन वगैरह भी ख़रीद लूँ । |
| कुओन | इया, तेरेबि तोका देन्शि-रेञ्जि तोका इरोइरो काओउ-तो ओमोत्ते इमासु । | |
| 佐藤 | おっ、安い!このテレビ。 | ओ... सस्ता है, ये टीवी ! |
| सातोउ | ओ, यासुइ ! कोनो तेरेबि । |
जापान की विशिष्टताएँ (じょうたつのコツ)
जापान में प्राचीन समय से तीन राजसी प्रतीक माने जाते हैं - तलवार, दर्पण और रत्न । ये चीज़ें किसी ज़माने में जन साधारण की पहुँच से बाहर हुआ करती थीं इसलिए इन्हें “तीन पावन निधियाँ” कहा जाता था ।
पचास के दशक में, जब टेलीविज़न, फ़्रिज और कपड़े धोने की मशीनों का चलन कम था, तब इन्हें ठाट-बाट का प्रतीक माना गया और ये तीन उपकरण “तीन पावन निधियाँ” कहलाने लगे ।
आज तो घर-घर में नवीनतम उपकरण देखे जा सकते हैं । आज ये नाम किन तीन चीज़ों को दिया जाए ? शायद फ़्लैट टेलीविज़न या डिजिटल कैमरा को । लेकिन बाज़ार में रोज़ इस पदवी के नए दावेदार आ जाते हैं । आपको क्या लगता है, 21वीं शताब्दी की “तीन पावन निधियाँ” क्या होंगी ?
तलाशें विषयों के आधार पर
- सलाह, सुझाव, और अनुरोध
- निर्देश और स्पष्टीकरण के लिए निवेदन
- कहावतें और मुहावरे
- परिदृश्य बताना
- अपनी राय देना
- अभिवादन
- विनम्र अभिव्यक्तियाँ
- प्रत्युत्तर
- अपना परिचय
- ख़रीदारी
![[निःशुल्क ] पाठमाला डाउनलोड करें (श्रव्य / पाठ्य)](../../images/btn_dl.png)